जिला और पुलिस प्रशासन की लापरवाही की परिणति है कि शुक्रवार की शाम पटवध गांव के पास ट्रक और आटो की टक्कर मेें महिला समेत चार लोग काल के गाल में समा गए। साथ ही चालक समेत आठ लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हाल में चार दिन पहले इसी स्थान पर ट्रक और रोडवेज बस में हुई टक्कर में दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बावजूद भी प्रशासन नहीं चेता।
बताते चले कि वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग के चौड़ा होने से वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है। फोरलेन होने के बाद भी सड़क पर चलने के दौरान वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते हैं। डिवाइडर होने के बाद भी वाहन अधिकांश ट्रकें विपरीत दिशा से चलते हैं। बावजूद इसके प्रशासन इस पर लगाम लगाने पर विफल है। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है, वहां पर सड़क निर्माण हो रहा है। वन-वे व्यवस्था होने के बाद भी सड़क निर्माण करने वाली कंपनी वाहनों के रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की थी। जबकि स्थानीय लोग लंबे समय से इस स्थान पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग भी कर रहे हैं। परंतु प्रशासन की कान पर जूं नहीं रेंगी, इसका परिणाम हुआ कि शुक्रवार की शाम लापरवाही ने बड़े हादसे को आमंत्रण दे दिया। छोटी-मोटी दुर्घटना इस स्थान पर आम बात हो गई है।