सोनभद्र।भीषण गर्मी से दूध का उत्पादन कम होने और लगन के कारण मांग बढ़ने के चलते दूध और उससे बने उत्पादों के दाम में वृद्धि हुई है। बाजार में इस समय दूध 60-70 रुपये प्रति लीटर तो पनीर का भाव 350-400 रुपये प्रति किलो पार कर गया है। सामान्य दिनों में दूधिये बाल्टा लेकर बाजार में चाय व होटलों में घूम-घूमकर दूध बेचते सहजता से देखे जा सकते हैं। उस समय दूध आसानी से 40 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध हो जाता है। पनीर का भाव भी अमूमन 250 रुपये प्रति किलो तक रहता है। वैवाहिक लगन तेज होते ही अचानक दूधिए बाजार से गायब नजर आ रहे हैं। जिन चाय दुकानों व होटलों पर वे नियमित रूप से दूध देते हैं, उन दुकानदारों की आंखें भी दूधिए का इंतजार करते-करते पथरा जा रही हैं। दूध के अभाव में ग्राहक चाय पीये बिना ही लौट जा रहे हैं। बढ़ौली चौराहे पर चाय की दुकान संचालित करने वाले अशोक सोनी ने बताया कि पहले दूध वाले दुकानदारों की सिफारिश करते थे। अभी स्थिति यह है कि दुकानदार ही डिब्बा लेकर दूध की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। कहीं व्यवस्था न होने पर थक हार कर 60-70 रुपये प्रति लीटर की दर पर दूध खरीदना पड़ रहा है। होटल संचालक प्रदीप जायसवाल ने बताया कि इस समय पनीर का भाव भी चढ़ा हुआ है। 350-400 रुपये प्रति किलो से कम तो कहीं पनीर मिल ही नहीं रहा है। ऐसे में कई होटल संचालक तो इस समय पनीर की सब्जी बनाना ही बंद कर दिये हैं। पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की सख्ती के कारण दूध में मिलावट के गोरखधंधे पर काफी हद तक अंकुश लग गया था। चालान के भय से दूधिए मिलावट करने का साहस नहीं कर पाते थे। अब मांग में वृद्धि होते ही एक बार फिर से मिलावट का कारोबार जोरों पर है। जानकारों के अनुसार मिलावट के साथ ही दूध बेचने वाले बाजार में 200 रुपये में मिलने वाले पैकेट से ही आठ लीटर दूध बनाकर उसे बेच दे रहे हैं। इसका नागरिकों के स्वास्थ्य पर व्यापक प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।