सोनभद्र। हार्डकोर नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और अजीत कोल को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एहसानुल्लाह खां की अदालत ने प्रतिबंधित असलहा रखने के मामले में दोषी करार दिया है। दाेनों की सजा पर सुनवाई अब छह फरवरी को होगी।
राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कम्हारडीह निवासी मुन्ना विश्वकर्मा और चंदौली के नौगढ़ थाना क्षेत्र निवासी अजीत कोल को तत्कालीन एसपी सुभाष चंद्र दुबे के नेतृत्व में पुलिस ने वर्ष 2012 में चोपन थाना क्षेत्र के कनछ कन्हौरा गांव के पास से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से अत्याधुनिक असलहे बरामद हुए थे। पुलिस ने प्रतिबंधित असलहे रखने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एहसानुल्लाह खां की अदालत में सुनवाई हुई। मुन्ना विश्वकर्मा को नैनी जेल से कड़ी सुरक्षा में लाकर पेश किया गया, जबकि अजीत उपस्थित नहीं हो पाया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को आयुध अधिनियम में दोषी करार दिया। उनकी सजा पर सुनवाई के लिए छह फरवरी की तिथि तय की। बता दें कि मुन्ना विश्वकर्मा को फरवरी 2023 में मांची व कोन थाना क्षेत्र में हुई दो हत्याओं में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह नक्सलियों का जोनल कमांडर रहा है।