शक्ति आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू हो रहा है। इस बार नवरात्र में मातारानी का आगमन डोली पर हो रहा है। हाथी की सवारी कर विदा होंगी।
प्रतिपदा को दोपहर बाद 3.16 बजे तक कलश स्थापना किया जा सकता है। नौ दिन देवी आराधना के लिए अभी से भक्तगण तैयारी में जुट गए हैं। रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित शीतला मंदिर के अधूरे कामों को जल्द पूरा करने की होड़ है। वहीं ग्रामीण अंचल में स्थित देवी मंदिरों की साफ-सफाई में लोग जुट गए हैं। जगह-जगह पूजा पंडाल सजाए जा रहे हैं। कलाकार मातारानी के मूर्ति बनाने में जुटे हुए हैं।
आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी और रविप्रकाश चौबे ने बताया कि शारदीय नवरात्र में शक्ति आराधना का विशेष महत्व है। रावण का वध करने से पहले प्रभु श्रीराम ने महाशक्ति की नौ दिन तक आराधना किए थे। तभी से नवरात्र मनाया जाता है।
शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार के दिन शुरू हो रहा है। इस नाते मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आएंगी। प्रतिपदा यानी तीन अक्तूबर को सुबह से दोपहर बाद 3.16 बजे तक किसी समय कलश स्थापना किया जा सकता है। 11 अक्तूबर को नवमी तिथि हो रही है। दशहरा 12 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
20 वर्षों से मूर्ति बना रहे कोलकाता के हरू पाल
रॉबर्ट्सगंज बढ़ौली चौक के समीप एक पेट्रोल पंप परिसर में कोलकाता से आए कारीगर हरू पाल मां दुर्गा की मूर्ति करीब 20 वर्षों से बनाते आ रहे हैं। इनकी बनाई मूर्ति की पूजा बढ़ौली चौक के साथ ही रॉबर्ट्सगंज नगर के विभिन्न स्थानों पर और ग्रामीण इलाकों में पूजी जाती है।