राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तराखंड के सदस्य एवं न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने सभी जिलों में नारी निकेतन की स्थापना पर बल दिया है। शक्तिनगर के बस स्टैंड परिसर में आयोजित मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार में उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की खातिर सचेत करने के लिए भी लोगों को आगे आना चाहिए।
झारखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति पूनम श्रीवास्तव ने भी महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहने पर जोर दिया और कहा कि सही दिशा में किया गया प्रयास परिवारों का बिखराव रोक सकता है। सेमिनार में डीएसएचआरडी के चेयरमैन आरके गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. उमानाथ द्विवेदी, संयोजक शिवशंकर गुप्ता, राधेश्याम यादव, संजय सोनी आदि ने भी कुछ ऐसे ही विचार व्यक्त किए, जबकि रामनिवास गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, कृष्णकांत सिंह, अमित सिंह, बबिता, ममता, दिनेश चंद्र आदि ने महिला अधिकारों के प्रति सजगता के लिए अभियान की जरूरत जताई।