पुलिस को देखकर चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर करीब रात 10 बजे वाहन को पकड़ लिया गया। उसमें चार लोग सवार थे। उनकी पहचान मऊ के कोपागंज थाना क्षेत्र के ग्राम तिलौरी भरौली निवासी विधिचंद्र यादव, कुशीनगर के पडरौना सोहरौना सिंघापट्टी निवासी साजिद अली, जंगल खिरकिया निवासी रईस खान और गंभीरिया बुजुर्ग निवासी आदित्य जायसवाल के रूप में हुई।
तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो की पिछली सीट के नीचे और पिछले हिस्से से 37 बंडलों में कुल 36.500 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा पांच मोबाइल फोन, 550 रुपये नकद और छत्तीसगढ़ में छोड़ी गई किया कार की चाबी मिली। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें संबलपुर के पास से गांजा लेकर बलिया पहुंचाने के लिए वाहन और रुपये उपलब्ध कराए जाते थे। इसके एवज में प्रत्येक को करीब 15 हजार रुपये मिलते थे।
पुलिस से बचने के लिए व्हाट्सएप कॉल और लोकेशन के जरिये संपर्क किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि रास्ते में जशपुर (छत्तीसगढ़) में पुलिस चेकिंग से बचने के दौरान उन्होंने किया कार छोड़ दी थी। गिरफ्तार आरोपियों में कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह और एसओजी प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
छत्तीसगढ़ में पकड़ी गई थी दूसरी खेप
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से मिली चाबी उस किया कार की है, जिसे छत्तीसगढ़ में छोड़कर वे स्कॉर्पियो से आगे बढ़े थे। उस कार से छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2.5 क्विंटल अवैध गांजा बरामद किया है। उस कार में विधिचंद्र यादव और आदित्य सवार थे। रास्ता बंद हो जाने पर कार को मौके पर छोड़कर उसकी चाबी अपने पास रख ली थी और बाद में स्कॉर्पियो वाहन में सवार साजिद अली एवं रईस खान के साथ आगे की यात्रा की।