थाना क्षेत्र के राजासरई गांव में विधानसभा चुनाव के मतदाता सूची से 300 वोटरों का नाम गायब है। इससे गांव के मतदाताओं में काफी असंतोष है।
पंचायत चुनाव में इसी गांव में 850 वोटर थे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतदाता सूची में घटकर 576 ही वोटरों का नाम है। जिसमें 302 पुरुष तथा 252 महिला मतदाता है। हकीकत तो यह है कि 576 मतदाताओं में छह नाम मृतकों का तथा आठ नाम डबल हैं। ऐसे में देखा जाय तो राजासरई गांव में सिर्फ 562 ही मतदाता हैं, जबकि पंचायत चुनाव में 850 मतदाता रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
उधर, में दुद्धी में मतदान का सपना संजोए मतदाताओं को उस समय झटका लगा जब बुधवार को होने वाले मतदान के लिए उनके घर मतदाता पर्ची नहीं पहुंची। मतदाता पर्ची नहीं पहुंचने को लेकर लोगों ने बीएलओ का दरवाजा खटखटाया, लेकिन जब बीएलओ ने मतदाता सूची खोलकर देखी तो पता चला कि मतदाता सूची से नाम ही गायब है। कहीं-कहीं तो बीएलओ से लोगों की झड़प भी हो गई। लोगों का आरोप है कि हम लोग विगत कई सालों से मतदान कर रहे हैं, लेकिन इस बार न जाने क्यों मतदाता सूची से नाम गायब कर दिया गया है। बीएलओ ने बताया कि गांव में कई बार मतदाता सूची लोगों को उपलब्ध कराई गई तथा नाम छूटने की जानकारी मांगी गई, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की।
सोनभद्रः राबर्ट्सगंज नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जेके राय का मतदाता सूची से नाम गायब है। 89 वर्षीय चिकित्सक का कहना है कि आजादी के बाद से वे अब तक मतदान करते आए हैं। यह पहला अवसर है जब उनका नाम मतदाता सूची से गायब है।
चिकित्सक के बेटे वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी राय ने कहा कि अगर घर के मुखिया मतदान नहीं करेंगे तो सपरिवार मतदान का बहिष्कार करेंगे।- जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय स्थित शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायती पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराते हुए मतदाता पर्ची में नाम जोड़वाकर मतदान का अधिकार दिलाए जाने की मांग की है।