मेरी मां का पैर टूट गया था। घर के कामों में लगी रही। इसलिए पढ़ाई नहीं हो पाई। प्लीज सर, मुझे पास कर दीजिए। यकीन न हो तो मेरे इस नंबर पर बात कर लीजिए... यूपी बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए परीक्षार्थियों ने परीक्षकों से कुछ ऐसे ही अल्फाजों में गुहार लगाई है।
किसी ने पिता की बीमारी का हवाला देकर नंबर मांगा तो कोई घर की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए रोजगार में वक्त लगने से तैयारी न कर पाने की दलील देकर पास करने की अपील की है। मूल्यांकन में लगे परीक्षक छात्र-छात्राओं की इन दलीलों को पढ़कर अचरज भी कर रहे और पशोपेश में भी पड़ जा रहे।
जिले में दो केंद्रों पर यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। 19 मार्च से शुरू हुए मूल्यांकन कार्य में अब तक 60 फीसदी से अधिक कॉपियां जांची जा चुकी हैं। दोनों केंद्रों पर पश्चिम यूपी के मेरठ, सहारनपुर सहित अन्य जिलों से कॉपियां आई हैं।
तरह-तरह के बहाने बनाते हुए लगा रहे गुहार
मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों की मानें तो परीक्षा में पास करने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हुए गुहार लगाई है। हाईस्कूल विज्ञान की कॉपी में एक छात्रा ने अपनी मां के चोटिल होने का हवाला देते हुए नंबर देने की अपील की है।
एक छात्र ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए खुद भी काम करने के कारण पढ़ाई न कर पाने का जिक्र किया है। वहीं इंटर के एक छात्र ने लिखा है कि अगर वह पास नहीं हुआ तो उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इंटर की डिग्री पर ही उसे बैंक से लोन लेना है।