डाउन मूरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सवार शक्तिनगर के स्क्रैप कारोबारी को बेहोश कर उचक्कों ने बारह लाख रुपये उड़ा दिए। बेहोशी की हाल में कारोबारी रेणुकूट के बजाय विंढमगंज पहुंच गया। कुछ लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
शक्तिनगर के चिल्काटांड़ बाजार में स्क्रैप (कबाड़) का कारोबार करने वाले जोगेंद्र जायसवाल की कानपुर में भी दूकान है। जोगेंद्र के मुताबिक ऊर्जांचल के बैंकों में नगदी की समस्या और बैंक से पैसा ट्रांसफर करने में आ रही दिक्कत की वजह से वह गुरुवार की शाम कानपुर से अटैची में 12 लाख रुपये लेकर शक्तिनगर के लिए शाम तीन बजे के करीब डाउन मूरी एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना हुआ। रात करीब नौ बजे ट्रेन के विंध्याचल पहुंचने तक सब ठीक-ठाक था। उसने साथ में लाया खाना खाया।
ट्रेन मिर्जापुर से निकली तो वह सो गया। इसके बाद शुक्रवार को सुबह कुछ लोगों ने विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर उसे ट्रेन में अर्धबेहोशी की हालत में पाया। विक्षिप्त अवस्था देख उससे पूछा गया कि कहां जाना है तो उसे बताया कि रेनूकूट। इसी बीच उसकी अटैची, मोबाइल, पैंट के अंदरूनी पाकेट में रखे करीब 20 हजार रुपये गायब थे।
स्थानीय लोगों की मदद से उसे विंढमगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया और पाकेट से मिली डायरी में मौजूद नंबर पर संपर्क कर परिजनों को सूचना दी गई। सूचना के बाद विंढमगंज पहुंचे परिवार के लोग जोगेंद्र को शुक्रवार की शाम अस्पताल से डिस्चार्ज करा कर शक्तिनगर ले गए। पीड़ित के मुताबिक घटना की सूचना रेणुकूट जीआरपी को दे दी गई है।