जमानिया तहसील के पास स्थित रामलीला मंच पर क्रमिक धरना देते नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश । संवाद
एमएलसी विशाल सिंह चंचल के फर्जी लेटरपैड व हस्ताक्षर से 408.68 लाख का अनुदान लेने के लिए फाइल शासन को भेजने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। शनिवार को रामलीला मैदान में धरने पर बैठे नपा अध्यक्ष ने फंसाए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने ने कागजात दिखाते हुए कहा कि उनके लेटरपैड से नगर विकास विभाग की ओर से 377.55 लाख रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, जब अपने लेटरपैड से बजट मिल रहा है तो किसी दूसरे के लेटरपैड का इस्तेमाल क्यों किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक वर्चस्व के कारण एक व्यापारी नेता को दबाने और कुचलने का प्रयास किया जा रहा। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक क्रमिक धरना जारी रहेगा।
अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि एमएलसी विशाल सिंह चंचल उनकी बढ़ती लोकप्रियता और विकास कार्यों से बौखलाकर उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि उन्हें न किसी के फर्जी लेटरपैड की जरूरत है और न ही किसी के पैसे की। उन्होंने आरोप लगाया कि सामंतवादी सोच के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिला प्रशासन भी दबाव में काम कर रहा है। कहा कि पूर्व में भी उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया था। यदि कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल किया है तो वह उसी समय पद से इस्तीफा देकर राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि वह पद के लालची नहीं हैं, लेकिन नगर के स्वाभिमान और सम्मान से समझौता नहीं करेंगे। इस मामले की जानकारी पार्टी के उच्च पदाधिकारियों को भी दे दी गई है।
ये है मामला
विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल का फर्जी लेटरपैड तैयार कर उस पर कूटरचित हस्ताक्षर करने और 408.68 लाख रुपये का सरकारी अनुदान हासिल करने की साजिश के आरोप में नगर पालिका परिषद जमानिया के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता और उनके सहयोगियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। एमएलसी के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक की तहरीर पर शुक्रवार देर शाम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
ऐसे खुला मामला
एमएलसी के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक ने तहरीर में बताया कि फर्जी लेटरपैड (क्रमांक 45358 और 9484, दिनांक 10 जून) तैयार किया गया। आरोप है कि उस पर एमएलसी के फर्जी हस्ताक्षर कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना (अनुदान संख्या 37/83) के तहत नगर की प्रकाश व्यवस्था और मुख्य मार्गों पर सात और नौ मीटर के ऑक्टागोनल पोल व लाइट लगाने के लिए 408.68 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त करने के उद्देश्य से फाइल शासन को भेजी गई थी। शासन स्तर से पत्रांक संख्या 45358 के संबंध में सूचनात्मक पत्र एमएलसी कार्यालय पहुंचने पर कथित फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। इसके बाद एमएलसी की ओर से प्रदेश के नगर विकास मंत्री को पत्र भेजकर प्रस्तावित अनुदान रोकने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था।