सोनभद्र। जिले के विकास को गति देने के लिए अनपरा क्षेत्र में 29.1 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां बहुद्देश्यीय संकुल का निर्माण किया जाएगा। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिस जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संकुल में विभिन्न विभागों से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे लोगों को बेहतर जन सुविधा मिल सके। शासन की मंशा के अनुरूप गैर प्रांतों से लगती सीमा पर बेहतर विकास का मॉडल तैयार किया जाना है। ताकि गैर प्रांतों से आने वाले लोगों को प्रदेश में विकास के प्रति आकर्षित एवं प्रभावित किया जा सके। इस योजना के तहत प्रदेश में 34 जिलों का चयन हुआ है। इसमें सोनभद्र भी शामिल हैं। चार प्रांतों की सीमा से घिरे सोनभद्र में इस योजना के तहत कार्य कराए जाने हैं। पहले चरण में बहुउद्देश्यीय संकुल के लिए अनपरा क्षेत्र में जमीन चिह्नित की गई है। एनएच-39 स्थित अनपरा से करीब छह किमी अंदर कुलडोमरी ग्राम पंचायत में 29.1 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है, जो वन विभाग की संरक्षित भूमि है।
बहुउद्देश्यीय संकुल के लिए जमीन चिह्नित करते हुए वन विभाग एवं राजस्व विभाग में जमीन के आदान प्रदान करने के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश एवं केंद्र सरकार से इस पर मुहर लगने के साथ ही बहुउद्देश्यीय संकुल का काम शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश की सीमा पर अनपरा क्षेत्र क्षेत्र में बउद्देश्यीय संकुल बनाए जाने से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। निर्माण खंड पीडब्लूडी के एक्सईएन हीरामणि वर्मा ने बताया कि संकुल के लिए कुलडोमरी ग्राम पंचायत में वन विभाग की संरक्षित 29.1 एकड़ भूमि जमीन चिह्नित की गई है। शासन स्तर से जमीन का हस्तांतरण होने के पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी।