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Sonebhadra News: बंद होंगे 20 से अधिक निजी अस्पताल और पैथोलॉजी

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सोनभद्र। जिले के निजी अस्पतालों, क्लीनिकों व पैथालॉजी सेंटरों के नवीनीकरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया 30 अप्रैल को पूरी हो गई। 20 से अधिक निजी केंद्रों के संचालकों ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे में जल्द ही इन पर ताला लग सकता है।
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जिले में 62 निजी अस्पताल, 25 क्लीनिक और 30 पैथालॉजी पंजीकृत हैं। सभी अस्पतालों, क्लीनिकों, पॉली क्लीनिकों व पैथोलॉजी का 30 अप्रैल तक ही पंजीकरण मान्य है। इसी को देखते हुए सभी संचालकों को 30 अप्रैल के पहले ही नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए थे। नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन का काम पूरा हो गया है। आवेदन न करने वालों में सबसे ज्यादा निजी क्लीनिक व पैथोलॉजी के संचालक हैं। विभाग अब पोर्टल पर आए आवेदनों और कार्यालय में हार्ड फाइल का अवलोकन में जुटा है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक 62 अस्पतालों और 25 क्लीनिकों में से करीब 20 से 22 प्रतिष्ठानों के नवीनीकरण की फाइल सीएमओ कार्यालय को पहुंची हैं। कई संचालक ऐसे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन तो किया है मगर सभी कागजात पूरा न होने के कारण हार्ड कापी कार्यालय में जमा नहीं कराया गया है। एक मई से अब नए पंजीकरण के साथ ही नवीनीकरण का काम शुरू हो गया है। फार्म जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार से ऑनलाइन आवेदनों की जांच शुरू हो गई। मानक पूरा करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस को जल्द ही नया कर दिया जाएगा। इस बार अस्पतालों और क्लीनिकों की संख्या में कमी की उम्मीद है। ऐसा इसलिए कि विभाग ऐसे 13 अस्पतालों को नवीनीकरण से दूर रखेगा, जिन्हें पूर्व में बंद कराया गया था। दूसरी ओर काफी संख्या में संचालकों ने आवेदन ही नहीं किया है। ऐसे में उनका पंजीकरण स्वत: निरस्त हो जाएगा। करीब 20 से अधिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की उम्मीद है।
नवीनीकरण के लिए ये प्रपत्र जरूरी
जिले में चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के लाइसेंस लेने या नवीनीकरण के लिए चिकित्सकों की डिग्री, पंजीकरण संख्या, विशेषज्ञता, पैरामेडिकल स्टाफ की चिकित्सकीय डिग्री के कागजात देने होते हैं। इसके अलावा, फायर ऑडिट रिपोर्ट, एनओसी, बॉयो मेडिकल वेस्ट निस्तारण और अग्निशमन विभाग की एनओसी भी जरूरी है। स्वीकृत नक्शा, अस्पताल व चिकित्सक के कैमरे में सीसीटीवी कैमरे, बोर्ड पर चिकित्सकों के नाम, अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सेवा, उनका शुल्क दर्ज करने समेत 17 मानकों पर प्रमाणपत्र भी जमा करना होता है।
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निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, पैथोलॉजी सहित अन्य चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन का काम पूरा हो गया है। 30 अप्रैल तक ऑनलाइन मिले आवेदनों में मानकों की जांच करके लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जाएगा। नवीनीकरण न कराने वाले प्रतिष्ठानों को बंद कराया जाएगा। -डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।
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