मॉडल पार्क में मौज-मस्ती करना नगर वासियों के लिए सपना ही बनकर रह गया है। करीब एक करोड़ रुपये से छह बीघा में बनने वाले पार्क में खेलकूद, ओपेन जिम और मनोरंजन के साथ बोटिंग की भी सुविधा मिलनी थी। लोढ़ी में बनने वाला यह पार्क पूरे जिले का सबसे बड़ा और आधुनिक पार्क होता। नगर पालिका प्रशासन ने दो वर्ष पूर्व यह प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। ठोस राजनीतिक पैरवी के अभाव में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में रह गया है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक-एक मॉडल (आधुनिक) पार्क बनाया जाना था। यह कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची में शामिल है। शासन के निर्देश पर ही दो साल पूर्व नगर पालिका प्रशासन की तरफ से नगर में पर्याप्त जमीन न होने के नाते जिला मुख्यालय लोढ़ी में भेलाही बंधी के पास खाली पड़ी जमीन चिह्नित की गई। यहां करीब छह बीघा जमीन में मॉडल पार्क का निर्माण होना था। आधुनिक पार्क में खेलकूद और मनोरंजन के विभिन्न साधनों की व्यवस्था होनी थी। पार्क में ओपेन जिम के साथ ही पास के भेलाही बंधी में बोटिंग की सुविधा भी मिलनी थी। इसकी विस्तृत कार्ययोजना शासन को भेज दी गई थी लेकिन इसके बाद कोरोना महामारी का दौर शुरू हो गया। इसका असर कम होने के बाद भी किसी तरह की राजनीतिक और प्रशासनिक पैरवी के अभाव में मॉडल पार्क का निर्माण ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।