वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं। सोमवार को विकास भवन से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने बाइक जुलूस निकाला।
जुलूस कलेक्ट्रेट, कोषागार, संभागीय परिवहन कार्यालय, चिकित्सा विभाग, वाणिज्य कर कार्यालय, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, तहसील में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद बाइक जुलूस विकास भवन पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर करीब एक बजे विकास भवन में कर्मचारियों ने एकत्र होकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद किया। अचानक कर्मचारियों के कामकाज ठप करने से सरकारी कार्य प्रभावित हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए सातवें पे कमीशन के संस्तुति में संशोधन करें। कहा कि कर्मचारियों के जायज मांगों को पूर्ण करने में हीलाहवाली कर रही है। इसे संगठन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
कहा कि 22 और 23 दिसंबर को कलेक्ट्रेट में दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से सीएम को मांगपत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अगर कर्मचारियों के मांगों को अनसुना करती है तो वृहद आंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी।
इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष सूरजबली सिंह, एमपी सिंह, परशुराम पांडेय, शैलानी, तेज प्रताप सिंह, शिव शंकर यादव, शैफउल्ला खां, हेमनाथ पांडेय, अवनिश दूबे, अवधेश सिंह आदि मौजूद रहे।