छपका स्थित वर्कशाप का निरीक्षण करते सदर विधायक भूपेश चौबे, स्वयं
सोनभद्र। जिले में जले ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने से सदर विधायक भूपेश चौबे नाराज हो गए। शनिवार शाम उन्होंने छपका स्थित कार्यशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां 131 खराब ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए रखे मिले। विधायक चौबे ने अधिकारियों से मरम्मत में देरी का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि सामग्री और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद काम में सुस्ती गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अफसरों और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप लगाया। विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि लापरवाही बरतकर सरकार की छवि खराब करने वालों की भूसी छुड़ा देंगे। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि नौकरी करनी है तो तरीके से करो, नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर उन गांवों में ट्रांसफार्मर भेजने के निर्देश दिए, जहां लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित है। साथ ही लंबित ट्रांसफार्मरों की संख्या कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दिनों में ट्रांसफार्मर जलने के मामले बढ़ गए हैं। नियम के अनुसार जले ट्रांसफार्मर को 72-96 घंटे में बदलना होता है लेकिन कई गांवों में 30-35 दिन बाद भी अंधेरा है। जिले के कोन, नगवां और घोरावल समेत कई क्षेत्रों में ग्रामीण बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। लंबे समय तक आपूर्ति बहाल न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। विधायक ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को परेशान होना स्वीकार्य नहीं है। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जले ट्रांसफार्मर बदलने में देरी को लेकर पिछले दिनों सपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। तब घोरावल क्षेत्र से 100 से अधिक ट्रांसफार्मर जले होने की बात कही गई थी।