पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न एवं मिसाइल मैन डा. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन से शोकाकुल युवाओं ने बुधवार की देर शाम नेहरू चौक पर कैंडिल मार्च निकाला।
इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कहा गया कि भारत ने एक वैज्ञानिक ही नहीं खोया, कलाम के रूप में अपनी अनमोल धरोहर खो दी।
कलाम ने न केवल भारत के विकास को गति दी, बल्कि एटम बम और मिसाइल के मामले में आत्मनिर्भर बनाकर विश्व की छठीं महाशक्ति बना दिया। उनके रूप में देश ने एक महान व्यक्तित्व खो दिया है, जिसकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
इस मौके पर मेराज अहमद, उमर फरुक, चंचल, महताब कुरैशी, इसरार खान, फरीद, रोहित सिंह, तंजील अहमद, सतेंद्र चंद्रवंशी, रंजन शर्मा आदि मौजूद रहे।
कलाम के व्यक्तित्व पर डाली रोशनी ःसोनभद्र। राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में गुुुुरुवार में शोकसभा हुई।
इसमें उपस्थित लोगों ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डा. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्घांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि डा. कलाम ने अपने कर्म से देश और समाज को नई दिशा देने का काम किया।
बैठक में अमरनाथ अजेय, दीपक कुमार केसरी, कृष्णकुमार जालान, अशोक, विवेक श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम अग्रवाल, नजर मुहम्मद, सुनील श्रीवास्तव मौजूद थे।