इससे वह गर्भवती हो गई और उसके पेट में करीब 7 माह का बच्चा पल रहा है। तहरीर पर चोपन पुलिस ने पिता के विरुद्ध दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था। न्यायालय ने गत 7 जनवरी को आरोप तय किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, नौ गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर महज 35 दिन में पॉक्सो एक्ट में दोषी पिता (33) को कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए कारावास में रखने का आदेश दिया। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख 20 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे।
पीड़ित किशोरी ने दिया बेटी को जन्म
सोनभद्र। सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पेट में 7 माह का बच्चा पल रहा था। लोकलाज के चलते गर्भपात कराने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इस वजह से मामले के विवेचक शिव प्रताप वर्मा की ओर से कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को सीडब्लूसी की देखरेख में सुपुर्द कर दिया गया। गत 13 जनवरी को जिला अस्पताल में बच्ची पैदा हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि डीएनए टेस्ट में भी दोषी और पीड़िता का बच्चा होना पाया गया है।