सोनभद्र। स्टांप, पंजीयन एवं न्यायालय शुल्क विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और जिले के प्रभारी रवींद्र जायसवाल ने बृहस्पतिवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्रों का शीघ्र कार्ड बनवाने का निर्देश दिया। सभी अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्र गोद लेकर वहां पंजीकृत कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान चलाकर छूटे हुए पात्रों का आयुष्मान कार्ड बनाएं। श्रमिकों, गरीब परिवारों को इसमें प्राथमिकता दी जाय, जिससे उन्हें 05 लाख तक की निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेते हुए उन्हें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से आच्छादित कराएं। सभी जनपद स्तरीय अधिकारी कुपोषण से युक्त बच्चों को गोद लेकर उनकी निगरानी करें। वह खुद भी ऐसे बच्चों को गोद लेंगे। कहा कि जिले के जिन विद्यालयों में शिक्षक की कमी चल रही है, उनमें बीटीसी काॅलेज में प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं से शिक्षण का कार्य कराया जाय।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रा-छात्राओं को विद्यालयों में 60 दिन का शिक्षण कार्य कराया जाना अनिवार्य होता है। ऐसे में वह बच्चों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा कराने को कहा। सभी ब्लाकों में पेंटिंग कर यह लिखवाया जाय कि प्रधानमंत्री आवास के नाम पर कोई व्यक्ति पैसा मांगता है तो अधिकारियों के नंबर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि निकाय क्षेत्रों में हाईवे के किनारे उचित स्थान का चयन करते हुए सार्वजनिक शौचालय व दुकान का निर्माण कराया जाय। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री सृजन योजना, मुद्रा ऋण योजना की समीक्षा के दौरान खादी ग्रामोद्योग अधिकारी व जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें। बैठक में विधायक सदर भूपेश चौबे, डीएम चंद्र विजय सिंह, सीडीओ सौरभ गंगवार, एसडीएम सदर निखित कुमार यादव, डीडीओ शेषनाथ चौहान, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार आदि मौजूद रहे।