नियमों के अनुसार रेत खनन का कार्य सुबह 6 से शाम 7 बजे तक किया जाना चाहिए। पर्यावरण मंजूरी की शर्तों में भी केवल दिन के समय सामग्री लोडिंग/परिवहन की अनुमति है। इससे इतर ऑडिट में पाया गया कि 39 लाख से ज्यादा ई-ट्रांजिट पास रात 8 बजे से सुबह 5 बजे के बीच बनाए गए। इनसे 5 करोड़ घन मीटर से अधिक खनिज का परिवहन रात के अंधेरे में किया गया। नियमों के इस उल्लंघन से नदी किनारे के जीव-जंतुओं और पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ा। संबंधित अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि विभाग ने दिन में खनन कार्य के दौरान भंडारित सामग्री के ही रात में परिवहन की दलील दी थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।