सोनभद्र। नगर पालिका परिषद (राबर्ट्सगंज) सोनभद्र के सभी वार्डों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च हो रहा है। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। वार्डों में कहीं नालियां ध्वस्त हैं तो कहीं कचरे से पटी हैं। मोहल्लों में सड़कें तो बना दी गई हैं लेकिन जल निकासी का इंतजाम अब तक नहीं हो सका है। इससे शहरवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है।
25 वार्डों वाले नगरपालिका क्षेत्र के मुख्य हिस्से को छोड़ दें तो बाकी हिस्सों में जलनिकासी का इंतजाम ही नहीं किया गया है। जहां नालियां हैं, वहां भी अधिकांश जगहों पर जाम पड़ी हैं। बारिश के दिनों में बढ़ौली चौक से मेन मार्केट, धर्मशाला चौक से मेन चौक रोड की स्थित नहर जैसी दिखती है। सिविल लाइंस रोड पर भी जलभराव आवागमन में परेशानी खड़ा करता है। पूरब मोहाल की रहने वाली बुधवंती देवी का कहना है कि नगर में जलनिकासी की समस्या वर्षों से है। कलावती देवी और जीरा का कहना है कि आंबेडकर नगर वार्ड की गलियां व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई जगह सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। सड़क का समतलीकरण कर मरम्मत नहीं कराए जाने से जल निकासी की समस्या बनी हुई है। राकेश भारती का कहना है कि वार्ड एक में नालियों का निर्माण होने से जलभराव की समस्या काफी हद तक सुधरी है लेकिन नालियों की सफाई न होने से कई वार्डों में नालियां बजबजा रही हैं। ऐसे में यदि बारिश होती है तो नाली का गंदा पानी घरों में घुसने लगता है। नगर पालिका कर्मचारियों की मानें तो हर साल करीब 80 लाख रुपये वार्डों में नाली निर्माण पर खर्च होता है। इस आंकड़े पर ध्यान दें तो पांच वर्ष में करीब चार करोड़ रुपये नगर में नाली निर्माण पर खर्च हो गए हैं लेकिन जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।