सोनारी गली स्थित दुर्गा मंदिर से मंगलवार को भव्य महावीरी झंडा जुलूस निकाला गया। 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार नगर भ्रमण और 25 हजार से अधिक उमड़ी भीड़ ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लोगों ने भेदभाव भुलाकर कार्यक्रम में प्रमुखता से मौजूदगी तो दर्ज कराई ही, सामाजिक सौहार्द की भी मिसाल पेश की।
पूरा अनपरा परिक्षेत्र महावीरी झंडे और अबीर-गुलाल से पटा रहा। युवाओं की टोली भक्तिगीतों और भजनों पर थिरकती रही। जुलूस आठ घंटे भ्रमण के बाद बाजार स्थित रामजानकी मंदिर पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समापन किया गया।
एहतियातन सीओ सितांशु यादव की अगुवाई में अनपरा, शक्तिनगर, पिपरी पुलिस के साथ ही तीन सेक्शन पीएसी तैनात रही।
सुबह 11 बजे दुर्गा मंदिर से महावीरी जुलूस की शुरुआत हुई। इसके बाद 36 झांकियों और इतने ही डीजे के साथ थिरकती युवाओं की टोली और हजारों की भीड़ ने हर ओर भक्ति की लहर बिखेर दी।
सवा सौ से अधिक वालंटियरों की टीम ने जगह-जगह स्थिति संभाले रखी। दुर्गा मंदिर, डीहबाबा, दुराशनी मंदिर औड़ी, काशीमोड़, डिबुलगंज, दुर्गा मंदिर, परासी दुर्गा मंदिर, ककरी कालोनी, बीना, झिंगुरदा सहित तेरह जगहों से जुलूस के लिए महावीरी झंडा उठाया गया।
जुलूस बाटा गली से होते हुए बाजार स्थित तिराहा, अनपरा कालोनी, काशी मोड़, औड़ी मोड़ (नेहरू चौक), बीना रोड, ककरी कालोनी, कोलगेट, रेणुसागर होते हुए शाम सात बजे के करीब अनपरा स्थित रामजानकी मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया।
जुलूस में शामिल लोगों को जगह-जगह कैंप लगाकर जलपान की व्यवस्था कराई जाती रही। अनपरा-औड़ी वासियों की तरफ से फूल बरसाने के साथ इत्र का छिड़काव किया गया।
बुढ़वा मंगल होने के चलते लोगों ने एक दूसरे को रंग और गुलाल से सराबोर रखा। सुरक्षा के मद्देनजर अनपरा एसओ शोभनाथ यादव, शक्तिनगर एसओ जगदीश यादव, पिपरी एसओ अबरार अहमद फोर्स के साथ मुस्तैद रहे।
इस मौके पर गोपाल गुप्ता, केसी जैन, दशाराम यादव, मनीष श्रीवास्तव, पन्ना सिंह, मिथिलेश सिंह, सत्यांश मिश्रा, नीतेश चौहान, पिंटू वर्मा, सुरेंद्र यादव, सतीश कुमार सिंह, ओमशंकर दुबे, इं. जितेंद्र यादव, बालगोपाल चौरसिया, दीपक सिंह, अशोक केशरी, आदि मौजूद रहे।