सोनभद्र। जिला पंचायत के सभागार में सोमवार को हुई बोर्ड की बैठक में विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पंद्रहवां वित्त, पंचम राज्य वित्त, जिला निधि में उपलब्ध धनराशि से कराने वाले कार्यों पर चर्चा की गई। इस दौरान खनिज परिवहन शुल्क की नीलामी पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। इस दौरान कई सदस्यों ने बैठक में पारदर्शिता न बरतने का भी आरोप लगाया।
जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल की अध्यक्षता में दोपहर बाद शुरू हुई बोर्ड की बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि की गई। पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय सत्र 2023-24 में अनुमानित अनुदान 11.50 करोड़, 15वां वित्त के अंतर्गत प्राप्त अनुदान 15 करोड़ और जिला निधि में उपलब्ध 19 करोड़ की धनराशि से कराने वाले कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई।
नए वर्ष में खनिज परिवहन ठेका 13.63 करोड़ रुपये की नीलामी पर सदस्यों ने चर्चा की। साथ ही जिला पंचायत में रिक्त पदों पर पदोन्नति पर सहमति बनाई गई। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य अनिल यादव कार्ययोजना पर सहमति देने से पहले उसे पटल पर रखने की मांग की। जिला पंचायत के आय का साधन बढ़ाने के लिए नए स्रोत चिह्नित करने का भी सुझाव दिया, जिससे जिला पंचायत आत्मनिर्भर बन सके। कई सदस्यों ने खनिज परिवहन ठेका की नीलामी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया।
आरोप लगाया कि बैठक में पारदर्शिता का पालन नहीं किया जा रहा। इस संबंध में सदस्यों ने हस्ताक्षरयुक्त सात सूत्री ज्ञापन सीडीओ को सौंपा। बैठक में राज्यसभा सांसद रामसकल, एमएलसी विनीत सिंह, सदर प्रमुख अजीत रावत, जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश उर्फ चेखूर पांडेय, अनिल यादव, मोहन कुशवाहा, सरिता देवी, विग्गन प्रसाद, देवेंद्र नाथ, पूनम विश्वकर्मा आदि शामिल रहे।