जिले में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी से स्वास्थ्य और शिक्षा महकमा प्रभावित है। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र एक्स-रे टेक्नीशियन को चुनावी प्रशिक्षण में भेज दिया गया। इससे मंगलवार को एक्स-रे रूम में ताला लटकता रहा। मरीज निराश होकर लौट गए। विद्यालयों पर भी ताले लटकते रहे। गुरुजी के न आने से बच्चों ने खेल कर दिन बिता दिया और घर लौट गए।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी जोरों पर है। प्रथम चरण के चुनाव के तहत राबर्ट्सगंज और नगवां ब्लाक के लिए मतदान नौ अक्तूबर को होना है। इसके लिए प्रशासन स्तर पर पूरी तैयारी कर ली गई है। कर्मचारियों के प्रशिक्षण का भी कार्य चल रहा है। मंगलवार को भी कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराया गया। इसमें जिला अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन की भी ड्यूटी लगा दी गई। जबकि यहां महज एक टेक्नीशियन ही तैनात है। ऐसे में जिला अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को एक्स-रे कक्ष में ताला लटका देख वापस लौटना पड़ा। कक्ष पर लिख दिया गया कि एक्स-रे टेक्नीशियन चुनाव प्रशिक्षण में गए हैं। जब कि निर्वाचन आयोग का सख्त निर्देश है कि चुनावी ड्यूटी में स्वास्थ्य कर्मियों को उनकी जरूरत के मुताबिक ही लिया जाए। एकमात्र टेक्नीशियन के प्रशिक्षण ड्यूटी में जाने से मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान नजर आए। इस बाबत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके सिंह ने बताया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए एक्स-रे टेक्नीशियन की ड्यूटी कटवाने के लिए लिख कर दिया गया था लेकिन फिर भी ड्यूटी लगा दी गई। इससे एक्स-रे कक्ष में ताला बंद रहा। सिर्फ एक टेक्नीशियन होने से कामकाम प्रभावित हो रहा है। उधर चुनावी प्रशिक्षण में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को लगाए जाने से कई विद्यालय बंद रहे। चोपन ब्लाक के कोटा ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय अहिराडेरा और गौराही पर मंगलवार को ताला लटका रहा।
इस बाबत पूछे जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी रामरतन राम राजभर ने कहा कि राबर्ट्सगंज मंडी समिति में अध्यापकों का चुनावी प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इस वजह से स्कूल बंद हो सकता है।