कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। एक खेमा निर्माण के विरोध में है तो दूसरा समर्थन में। मंगलवार को किसानों की ओर से अमवार में किसान महापंचायत का आयोजन हुआ।
इसमें परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट की संज्ञा दी गई। उधर निर्माण के विरोध में पांगन नदी पर विस्थपितों का धरना जारी रहा।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए एडीएम और एएसपी की निगरानी में कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही।
सिंचाई निर्माण स्थल पर कनहर बनाओ के समर्थन में किसान महापंचायत में मुख्य अतिथि दुद्धी विधायक रूबी प्रसाद ने कहा कि कनहर के लिए सरकार ने अरबों रुपये दिए।
विस्थापितों को नियमों के तहत मुआवजा दिया गया। कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट साबित होगी। इसके निर्माण से दुद्धी और चोपन ब्लाक के 108 गांवों के असिंचित खेतों में सिंचाई होगी।
रोजगार बढे़गा, गरीब आदिवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि विस्थापितों से कई दौर की वार्ता के बाद जो मांग आई थी, वह शासन को भेजी गई।
उसी आधार पर तीन पीढ़ियों का मुआवजा देने का एलान शासन ने किया। ऐसा पहली बार हुआ। इसके बावजूद कुछ लोग यहां के विस्थापितों को गुमराह कर रहे हैं। कहा कि धरने पर बैठे लोग अपनी बातों को उनके समक्ष रखें।
वे उनकी समस्या सिंचाई मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी। महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष, सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि समाजवादी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के विकास के लिए शुरू किया है।
पिछली सरकारों की उदासीनता से इस प्रोजेक्ट पर काम बंद हो गया था। परियोजना के निर्माण से गरीबों का भला होगा। महापंचायत में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, विजय यादव आदि मौजूद रहे।