बैंकों से रुपये मिलने में देरी और नोट बदलने में हो रही परेशानी ने करीब-करीब हर किसी के माथे पर पर बल ला दिया है। कोई शादी को लेकर परेशान है तो कोई इलाज के लिए रुपये की जुगत में मारा-मारा फिर रहा है।स्टेट बैंक पर लाइन में लगे बीएसएनएल कर्मी लालचंद को दोपहर एक बजे पता चला कि बैंक में रुपये खत्म हो गए हैं तो लगा कि उन्हें रूलाई फूट पड़ेगी। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह बेटी की शादी है। जीपीएफ से उन्होंने दो लाख रुपये निकाले थे।
तभी पता चला कि पांच सौ-एक हजार के नोट बंद हो गए हैं। रुपये बदलने के लिए तीन घंटे से लाइन में थे, जैसे ही बैंक के अंदर प्रवेश की बारी आई पता चला कि नोट खत्म हो गए हैं। बीमारी के लिए रुपये के इंतजाम के सिलसिले में नोट बदलने सिंडीकेट बैंक पहुंचे अनपरा निवासी शीतल, केके शर्मा ने बताया कि घंटे भर तक कतार में खड़े रहे। काऊंटर पर पहुंचे तो पता चला कि यहां सिर्फ खाताधारकों को भुगतान हो रहा है।
नोट बदले नहीं जा रही है। बैंक कर्मियों का कहना था कि नई करेंसी अभी आई नहीं है, इस कारण किसी तरह काम चलाया जा रहा है। औड़ी निवासी पूूर्व शिक्षक माता प्रसाद सिंह के यहां 16 नवंबर को शादी है। रुपये का इंतजाम कैसे हो, इसको लेकर वह काफी परेशान हैं। परासी निवासी शिक्षिका अनीता वैश्य के घर में शादी पड़ी है। रुपये का पर्याप्त इंतजाम कैसे हो, इसकी चिंता उन्हें सताए हुए है। कमोवेश कुछ यहीं स्थिति दूसरों की भी रही और हर कोई रुपये के इंतजाम को लेकर सुबह से शाम तक परेशान रहा।