भाकपा माओवादी बिहार-झारखंड एरिया स्पेशल कमेटी की ओर से बिहार, झारखंड, उड़ीसा, बंगाल, छत्तीसगढ़ में तीन दिनी बंद का ऐलान किया गया है। इसके मद्देनजर ऊर्जांचल परिक्षेत्र सहित पूरे जनपद में शनिवार को कड़ी चौकसी रही। सीमा पर अलर्ट घोषित कर हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती रही।
स्टेशनों पर सुरक्षा के इंतजाम के साथ ही ट्रेनों में चौकसी बढ़ा दी गई। रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग भी तेज हो गई है। सामरिक महत्व वाले स्थलों पर निगहबानी हो रही है। ऐलान के बाद ट्रक चालक विंढमगंज बाजार स्थित झारखंड की सीमा पर ट्रकों को रोक लिए। इससे सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई।
झारखंड के पलामू में बीते दिनों पुलिस-कोबरा बटालियन के संयुक्त आपरेशन में 19 कथित माओवादियों को मार गिराने का दावा किया गया था। इस मुठभेड़ को बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी ने फर्जी करार तीन दिन के लिए पांच राज्यों में बंदी का ऐलान किया गया। बंदी शुक्रवार से ही शुरू हो गई है।
रविवार की आधी रात तक माओवादियों की यह बंदी प्रभावी रहेगी। इसको देखते हुए पुलिस की ओर से जहां बिहार, झारखंड, मप्र, छत्तीसगढ़ की सीमा पर अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
एसपी शिवशंकर यादव ने बताया कि सीमा पर पूरी तरह से अलर्ट है।
माओवादियों के किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। रेलवे के मंडल यातायात प्रबंधक चोपन विश्वरंजन ने बताया ट्रेनों के संचालन को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। आरपीएफ एसओ समीर अख्तर खान ने बताया कि संवेदनशील स्टेशनों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। रेणुकूट से लेकर झारखंड से सटे विंढमगंज तक प्रत्येक स्टेशन पर आरपीएफ के जवान मुस्तैद हैं।