दीपावली पर्व के मद्देनजर मिर्जापुर, वाराणसी सहित अन्य जिलों से मिलावटी खोवा की खेप पहुंचने लगी है। कई व्यापारी आलू, मैदा और आरारोट मिक्स कर नकली खोवा तैयार कर बेच रहे हैं। जबकि पिछले करीब एक वर्ष में 30-35 लोगों को मिलावटी खोवा के साथ पकड़ा जा चुका है। एडीएम कोर्ट के आदेश पर मिलावटखोरों से लाखों रुपये जुर्माना भी वसूला गया है।
त्योहार के समय मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। मुहूर्त के अनुसार 28 अक्तूबर को धनतेरस एवं 30 अक्तूबर को दीपावली पर्व है। दिवाली पर खोवे से निर्मित मिठाई की अत्याधिक खपत होती है। इस नाते अभी से कई दूकानदार मिर्जापुर, वाराणसी समेत अन्य जिलों से खोवा का स्टाक मंगाकर रखने लगे है। क्योंकि जिले में खोवा का उत्पादन आवश्कतानुसार नहीं होता।
मिलावटी खोवा के कारोबार पर रोक लगाने के लिए टीमें गठित तो हैं मगर यह लोग महज कागजी खानीपूर्ति ही करते हैं। वहीं जिला अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा, शक्तिनगर, अनपरा, रेणुकूट, दुद्घी के कुछ दूकानदारों के बारे में शिकायत मिली है कि वे लोग खोवा में रारोट, आलू, मैदा और आटा मिला कर नकली तैयार कर रहे हैं। बताया कि एक अक्तूबर 2015 से एक अक्टूबर 2016 तक लगभग 35 दूकानों से खोवा का सैंपल लेकर जांच कराया गया तो नकली मिला। एडीएम कोर्ट के आदेश पर प्रत्येक दूकानदारों से लाखों रुपये जुर्माना जमाया कराया गया।