सोनभद्र। करीब डेढ़ साल पहले किशोरी (16) से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को दोषी रमेश कुमार को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले में चार अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने विंढमगंज थाने में 28 अप्रैल 2024 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 9 दिसंबर 2023 को शाम 8 बजे अचानक पेट दर्द होने पर दवा इलाज के लिए डॉक्टर के पास जा रही थी, तभी जोरुखाड़ निवासी रौतम कुमार अपने चार अन्य साथियों के साथ पहुंचा और अपहरण कर बेटी को अपने घर ले गया। उसे बेरहमी से मारापीटा और गाली गलौज करते हुए कहा कि तुम्हारे पेट में उसका बच्चा पल रहा है। गर्भपात करा दो नहीं तो जान से मारकर फेंक देंगे।
किसी तरह बेटी जान बचाकर घर लौटी। रौतम उसकी बेटी के साथ करीब 4 साल पहले से यौन शोषण कर रहा है। बेटी को करीब 5 माह का गर्भ है। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी रौतम कुमार (21) को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। वहीं चार अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।