बैंकों में पर्याप्त करेंसी न होने के चलते अभी भी समस्याएं बरकरार है। 29 दिन बीतने के बाद भी बैंकों में किसी को भी पर्याप्त धन नहीं मिल रहा हैै। कुछ बैंक ऐसे है जो दस हजार रुपये दे रहे है। लेकिन कई बैंकों में दो से तीन हजार रुपये ही मिल रहे है। आठ नवंबर से अब तक बैंकों में करीब 30 करोड़ करेंसी पहुंची है। अभी 60 करोड़ करेंसी पहुंचेगी तब जाकर स्थिति सामान्य होगी। बुधवार को बैंकों और एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
सुबह करीब नौ बजे से ठंड में राबर्ट्सगंज नगर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेेत अन्य बैंकों के बाहर लाइन में खड़े होने लगे थे। मंगलवार को बैंकों के बंद होने से अत्यधिक भीड़ रही। घंटों लाइन में खड़ा होने के बाद लोग काउंटर पर रुपये निकालने के लिए पहुंचे। प्राइवेट कुछ बैंकों में 24 हजार रुपये तक लोगों को मिला, लेकिन राष्ट्रीयकृत एक दो बैंकों को छोड़कर किसी बैंक में दस हजार रुपये से अधिक नहीं मिला। इसी तरह से घोरावल, शाहगंज, म्योरपुर, मधुपुर, रामगढ़, कोन, चोपन, ओबरा, दुद्धी, विण्ढमगंज, डाला, बभनी समेत अन्य कस्बों में स्थिति बैंकों का हाल रहा। यहां भी लोगों को रुपये निकालने के लिए घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा। कुछ बैंकों में जरूरत के अनुसार रुपये न मिलने पर कुछ बैंककर्मियों और लोगों में नोकझोक भी हुई। लीड बैंक के मैनेजर करूणेश कुलश्रेष्ट ने बताया कि आठ नवंबर से सात नवंबर तक आरबीआई ने करीब 30 करोड़ करेंसी भेजा है। 60 करोड़ करेंसी आएगी तब स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने बताया कि स्वाइप मशीन के लिए करीब एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके है। बुधवार को लगभग 28 करोड़ की निकासी और 12 करोड़ रुपये जमा हुआ।