सोनभद्र/घोरावल। फाल्गुन पूर्णिमा पर मंगलवार को लगे चंद्रग्रहण का व्यापक असर धर्मनगरी सोनभद्र में देखने को मिला। सूतक काल और ग्रहण के चलते जिले के प्रमुख मंदिरों के कपाट करीब 12.30 घंटे तक बंद रहे, जिसके कारण दिनभर श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए प्रतीक्षा करते नजर आए। रॉबर्ट्सगंज स्थित प्राचीन शीतला मंदिर के पुजारी राहुल शुक्ला के अनुसार, ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक लगने के कारण सुबह 6:30 बजे ही कपाट बंद कर दिए गए थे। इसी तरह श्रीरामजानकी मंदिर और संकट मोचन मंदिर के कपाट भी सुबह पूजन के बाद बंद कर दिए गए। संकट मोचन मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडेय ने बताया कि सुबह 8:45 बजे से शाम 7 बजे तक मंदिर भक्तों के लिए बंद रहा। घोरावल के प्रसिद्ध शिवद्वार (गुप्तकाशी) स्थित उमामहेश्वर मंदिर में भी ग्रहण का गहरा असर रहा। पुजारी सुभाष गिरि ने बताया कि सुबह 6:20 बजे की आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। जिला अस्पताल के सामने स्थित हनुमान मंदिर और शिव मंदिर में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।