Satta Ka Sangram : अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ सोमवार को रॉबर्ट्सगंज लोकसभा में पहुंचा। टीम ने सुबह चाय पर चर्चा, दोपहर में युवाओं से बातचीत के बाद जिले के सत्ताधारियों को अपने मंच पर बोलने का मौका दिया। इस दौरान विभिन्न दलों के नेताओं अपने-अपने तरीके से जिले की समस्याओं पर अपनी बात रखी, साथ ही समाधान भी बताया। नेताओं ने एक-दूसरें पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए।
अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ की टीम ने सोमवार को रॉबर्ट्सगंज लोकसभा में विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत की। जिले के हर छोटी-बड़ी समस्याओं और अब तक हुए विकास को लेकर कई आरोप-प्रत्यारोप लगे। कई नेताओं ने इन समस्याओं के समाधान भी बताए।
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विपक्ष के नेताओं ने कहा कि सोनांचल कहे जाने वाले रॉबर्ट्सगंज के गांवों में बिजली आज तक नहीं पहुंच पाई है। खंभे लगाकर छोड़ दिए गए हैं। कई घर ऐसे हैं जहां बत्ती नहीं हैं लेकिन बिल भेज दिए जा रहे हैं। कई मामलों को लेकर मुकदमे भी दर्ज हो गए हैं। कहा कि अगर भाजपा के नेता कह रहे हैं कि बिजली गांवों में पहुंची हैं तो धरातल पर जाकर एक बार जांच कर लें।
घोरावल में पानी को लेकर काफी समस्याएं हैं। लोग तीन-तीन, चार-चार किलोमीटर से पानी ढोकर लाते हैं। यही है सरकार का विकास। कहा कि भाजपा के लोग कहते हैं कि डबल ट्रैक बनवा दिया गया है, लेकिन लखनऊ और दिल्ली जाने के लिए यहां गाड़ी नहीं मिलती।
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भाजपा के प्रकाश केशरी ने कहा कि देश में विकास की लहर चल रही है, इसमें जिला भी शामिल है। विजय जैन ने कहा कि रॉबर्ट्सगंज यूपी का आखिरी जिला है। चार राज्यों की सीमा पर है। कहा कि भाजपा के आने के बाद विकास हर क्षेत्र में हुआ है। पहले यहां बिजली 8-10 घंटे मिलती थी अब 20-22 घंटे मिल रही है।
सपा के डॉ. लोकपती सिंह ने कहा कि जनता अब झांसे में नहीं आने वाली है। चार जून तक जितना झूठ बोलना है सरकार के लोग बोल लें। वहीं, कांग्रेस केे गोपाल स्वरूप पाठक ने कहा कि कांग्रेस के समय में काफी उद्योग लगे, उसके बाद दोबारा कुछ नहीं हुआ। भाजपा के लोग रोजगार भी नहीं दे पाए।
रोशन लाल यादव ने कहा कि आजादी के बाद किसी ने सोनांचल के हितों पर ध्यान नहीं दिया। चार बार विस्थापन हुआ, लेकिन रोजगार नहीं मिला। देश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र होने के बाद भी सरकारें यहां कुछ नहीं कर पाईं। दस साल में यहां की परियोजनाओं के सीएसआर का पैसा दूसरे जगहों पर खर्च हुआ।
कौशल शर्मा ने कहा कि दस साल पहले व्यापारी असुरक्षित था। अब भय खत्म हुआ है। भाजपा ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर काफा काम किया है। वहीं राजेश गुप्ता ने कहा कि अभी तक व्यापारी डरा हुआ था। पहली बार सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम से व्यापारियों को काफा सहूलियत दी है।