उरमौरा स्थित रामा हॉस्पिटल में जांच करते एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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मानक के विपरीत संचालित निजी अस्पतालों पर कार्रवाई तेज हो गई है। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर में संचालित तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पतालों में तमाम खामियां सामने आई। बिना डॉक्टरों की मौजूदगी के मरीजों का उपचार होता पाए जाने पर टीम ने तीनों अस्पतालों की ओटी को बंद करा दिया। बिना फार्मासिस्ट के संचालित मेडिकल स्टोर पर ताला लगवा दिया।
सदर एसडीएम रमेश कुमार और निजी अस्पतालों के नोडल डॉ. गुरुप्रसाद के नेतृत्व में टीम पहले उरमौरा स्थित रामा हास्पिटल पहुंची। नोडल अधिकारी के मुताबिक जांच में वहां चार महिलाएं भर्ती थी। उनका ऑपरेशन हुआ था। पूछताछ में वह उपचार करने वाले डॉक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकीं। बताया कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारी ही उनका नियमित देखभाल कर रहे हैं। जब कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली गई तो मौजूद किसी भी कर्मी का नाम स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई सूची में नहीं था।
परिसर में ही बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर संचालित मिला। ओटी और मेडिकल स्टोर बंद कराते हुए संचालक को नोटिस जारी की गई। लोढ़ी स्थित तृषा हास्पिटल में स्टाफ नर्स मौजूद मिलीं। वहां भी कोई डॉक्टर नहीं था, जबकि एक महिला भर्ती थी। यहां भी मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के चल रहा था। छपका स्थित होपवेल अस्पताल में भर्ती महिला मरीज ने जिस डॉक्टर के जरिए ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी। उसका नाम अस्पताल की सूची में ही नहीं था। कोई अन्य डॉक्टर वहां नहीं था। नोडल अधिकारी ने बताया कि मानकों की अनदेखी कर संचालित तीनों अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर और मेडिकल स्टोर को बंद कराते हुए नोटिस जारी किया गया है।