शक्तिनगर। नववर्ष के पहले दिन डीजल कारोबार से जुड़े 21 आरोपियों पर माफिया की कार्रवाई के बाद पुलिस शिकंजा कसने में जुट गई है। इनकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। वर्ष 2022 में एसटीएफ व पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद अधिकतर आरोपियों ने अपना नया ठिकाना एमपी को बना लिया है। इनकी चल व अचल संपत्ति देवरिया, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सोनभद्र व मप्र के सिंगरौली में होने के सबूत मिले हैं।
यूपी सरकार के नए आदेश के मुताबिक माफिया की संपत्ति चिह्नित कर कोर्ट के आदेश पर कुर्क की जाएगी। कुर्क संपत्ति की नीलामी डीएम के आदेश पर होगी। दो सितंबर 2022 को एसटीएफ की वाराणसी फील्ड इकाई के निरीक्षक पुनीत सिंह परिहार की टीम ने डीजल कारोबार पर बड़ा प्रहार किया था। कार्रवाई के दौरान हजारों लीटर डीजल के साथ आठ लाख रुपये बरामद किए गए थे। इस मामले में कुल 22 लोग आरोपी बनाए गए। बाद में सभी आरोपियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई। इसके बाद से आरोपियों ने ठिकाना और कारोबार की जगह बदली लेकिन धंधा नहीं। सुरक्षित पनाहगार के रूप में सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली का चयन किया और तेल का कारोबार यूपी की तरह एमपी में चटख हो गया। आरोपियों की ओर से तेल के खेल से अर्जित संपत्ति पर पुलिस के नजदीकी लोगों का कहना है कि अभी तक देवरिया, प्रतापगढ़, प्रयागराज (हंडिया), सोनभद्र व सिंगरौली (मप्र) में इसका पता चला है, जिसपर आरोपी अलग-अलग नामों से काबिज हैं।
आरोपियों की गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी जाएगी। अवैध तरीकों से अर्जित संपत्ति को सूचीबद्ध करने के साथ हिस्ट्रीशीट, गुंडा एक्ट सहित शेष कार्रवाइयों पर अमल किया जाएगा। -अमित कुमार, सीओ पिपरी।