कोन। भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड (इंडसइंड बैंक की सहायक शाखा) के शाखा प्रबंधक ने दो कर्मचारियों के खिलाफ लगभग 8.93 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि कर्मचारियों ने महिला सदस्यों से लोन की किस्तें वसूल की, लेकिन उसे बैंक में जमा नहीं कराया।
चंदौली के नियामताबाद निवासी शाखा प्रबंधक अशोक कुमार पिछले 10 वर्षों से कंपनी में कार्यरत हैं। वह वर्तमान में कोन शाखा में तैनात हैं। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 2 अप्रैल 2024 को कंपनी के फील्ड स्टाफ रत्नेश यादव ने कुछ महिला सदस्यों से समय पूर्व लोन की किस्तें नकद में वसूल कीं। वह रकम संबंधित खातों में जमा नहीं की गई। जब इसकी पड़ताल की गई तो पाया गया कि करमा थाना के सिरसिया निवासी रत्नेश यादव और कैशियर विंढमगंज के केवाल निवासी कामेश्वर प्रसाद यादव ने मिलीभगत कर 21 सदस्यों की कुल 893062 रुपये की हेराफेरी की है। शाखा प्रबंधक के अनुसार कंपनी से नियुक्त ऑडिट टीम ने जांच के दौरान पाया किया कि रत्नेश यादव ने 3 सेंटरों से 3 सदस्यों के 89120 रुपये और कामेश्वर प्रसाद यादव ने 14 सेंटरों से 18 सदस्यों का 803942 रुपये गबन किया।
बाद में इनमें से कुछ राशि (173743 रुपये) संबंधित खातों में जमा की गई, लेकिन अब भी 719319 रुपये की राशि शेष है। शाखा प्रबंधक ने बताया कि जब आरोपी कर्मचारियों और उनके परिजनों से बातचीत की गई तो उन्होंने पहले पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब धमकाने लगे हैं और साफ इन्कार कर रहे हैं। कोन एसओ गोपालजी गुप्ता ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन की जा रही है।