चोपन थाना क्षेत्र में साढ़े दस वर्ष पूर्व हुए गोपाल गुप्ता हत्याकांड मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत ने सोमवार को दोषी दंपती को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के करगरा गांव निवासी मालती देवी पत्नी स्व. गोपाल गुप्ता ने 29 फरवरी 2012 को तहरीर दी कि उसके गांव के अमरेश गुप्ता, उसकी मां अतवारी देवी व पत्नी बबली उर्फ अर्चना खपरैल बंटवारे की बात कर रहे थे। इसे लेकर पति गोपाल गुप्ता से उनका विवाद हो गया। इस विवाद में अमरेश गुप्ता, मां अतवारी देवी व पत्नी बबली उर्फ अर्चना ने लाठी डंडा, कुल्हाड़ी लेकर उसके पति को दौड़ा लिया। तीनों ने घेरकर पति की बेरहमी से पिटाई की। जिससे उनकी मौत हो गई। तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत पाए जाने पर विवेचक ने न्यायालय में अमरेश गुप्ता व बबली उर्फ अर्चना के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषियों अमरेश गुप्ता और बबली उर्फ अर्चना को उम्रकैद एवं 23-23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय प्रकाश यादव ने बहस की।