साढ़े चार वर्ष पूर्व नौ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंगलवार को सुनवाई करते हुए उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने एक सितंबर 2018 को घोरावल थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 26 अगस्त की रात में उसकी नौ वर्षिय बेटी को घोरावल थाना क्षेत्र का रहने वाला गुड्डू कोल उठाकर ले गया। उसके साथ छेड़खानी व दुष्कर्म किया। सुबह उससे छूटकर बेटी घर आई तो आप बीती बताई। जब वह गुड्डू को पकड़ने के लिए गए तो वह भाग गया। तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में गुड्डू कोल के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी गुड्डू कोल को उम्रकैद एवं 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।