सोनभद्र। जिले में खाद की कालाबाजारी और किसानों से अधिक कीमत वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर शनिवार को कृषि विभाग की टीम ने घोरावल क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापे मारे। जांच के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने की पुष्टि होने पर एक दुकान का उर्वरक (खाद) प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बिक्री पर रोक लगा दी गई। साथ ही गुणवत्ता की जांच के लिए खाद के नमूने भी एकत्र किए गए। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार और अपर जिला कृषि अधिकारी संदीप कुमार मौर्य ने घोरावल ब्लॉक के भैंसवार गांव स्थित आरके सीड्स एंड फर्टिलाइजर का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान पर किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा था। शिकायत सही मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर ही दुकान का उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित करते हुए उर्वरकों की बिक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दी। टीम ने प्रतिष्ठान से विभिन्न प्रकार के चार उर्वरकों के नमूने भी संग्रहित किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
रिपोर्ट आने के बाद दोष सिद्ध होने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने शाहगंज स्थित न्यू किसान खाद भंडार का भी निरीक्षण किया। यहां दुकान की चौहद्दी स्पष्ट नहीं मिलने और अभिलेखों में विसंगति पाए जाने पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विभाग ने तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दुकान का उर्वरक प्राधिकार पत्र भी निलंबित कर दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने, कालाबाजारी करने अथवा घटिया गुणवत्ता का उर्वरक उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध आगे भी जांच अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय रसीद अवश्य लें और गड़बड़ी की सूचना विभाग को दें।