सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। सड़क हादसों को रोकने के लिए तेज रफ्तार में चलने वाले लोडेड वाहनों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त करने का डीएम ने निर्देश दिया। स्कूली वाहनों की भी जांच कराने को कहा। बैठक में एनएच के एक्सईएन और उपसा के अधिकारी अनुपस्थित रहे। दोनों के विरुद्ध शासन स्तर पर पत्राचार करने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देशित किया।
अंतरराज्यीय सीमा की दूरियों से संबंधित साइनेज बोर्ड लगाने को कहा। डीएम ने कहा कि सड़कों से गुजरने वाले भारी वाहनों की चेकिंग की जाए। जिन वाहनों के बाडी के ढांचे में परिवर्तन पाया जाए, ऐसे वाहनों को सीज करें।
चार पहिया वाहन व ट्रक, हाइवा आदि वाहनों के तेज रफ्तार की निगरानी की जाए। नशे की हालत में वाहन चलाने वाले गाड़ियों का चालान करें और ड्राइवरों के वाहन लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाए।
नशे की हालत में वाहन चलाने पर दुर्घटना की अधिक संभावना बनी रहती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर उपचार की सुविधा के लिए ले जाएं। इसके लिए बेहतर कार्ययोजना स्वास्थ्य विभाग बना ले।
संबंधित थाने पर भी इसकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। एआरटीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि गाड़ियों के फिटनेस की जांच समय-समय पर की जाए। ड्राइवरों के आंखों की जांच के लिए कैंप लगवाया जाए।
बैठक में एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.एसके सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी शैलेश ठाकुर, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।