शक्तिनगर। एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर में रविवार की शाम आयोजित अखिल भारतीय वेबिनार में महामारी बचाव काव्य पाठ के जरिए जोश भरने का प्रयास हुआ। इससे लोगों में उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता योगेंद्र मिश्र ने काव्य रचना माना कि अंधेरा घना है पर दिया जलाना कब मना है...। कभी फूल होंगे कभी खार होंगे, जो किस्मत है उससे दो चार होंगे...।
बहुत दूर की राह तय करली हमने, बहुत जल्द ही अब हम उस पार होंगे... सुनाकर उत्साहवर्धन किया। जीतना है तो लड़ना है के थीम पर कार्यक्रम मानव संसाधन विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस मौके पर मानव संसाधन विभाग प्रमुख वी. शिवा प्रसाद भारतीय संस्कृति पर संक्षिप्त व्याख्यान दिया और कहा कि हमारे यहां बीमारी से बचाव की परंपरा का चलन पहले से है। उन्होंने संकट काल में एनटीपीसी शक्तिनगर परिवार के साहस की तारीफ की और कहा कि कार्य समर्पण के बलबूते बिजली उत्पादन के सभी लक्ष्य पूरे किए और देश को बिजली दे रहे हैं। कार्यक्रम से जुड़े प्रतिभागियों का सम्मान मानव संसाधन प्रबंधक आदेश पांडेय ने किया। जनचेतना मंच के संयोजक सुरेश गिरि प्रर्ख ने घर पर रह कर नियमों का पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ पुलिस प्रशासन का भी आभार प्रकट करना चाहिए। एस. गुप्ता कहा कि जरूरत पर मात्र 10 प्रतिशत मैन पावर से काम चलाया और अहर्निश कर्तव्य पथ पर रत रहे। हमारे शीर्ष प्रबंधन का सहयोग और मार्गदर्शन ही हमारा संबल बना। कुमार गौरव ने कहा कि पहला दिया डर का था जो अब बुझ गया है। प्रवेश मिश्रा ने सब का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि डीपीआरओ के पद पर रहते हुए मुझे रैपिड रेस्पांश का भी प्रभारी बन कर अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सब को राहत प्रदान करना ही हमारा लक्ष्य है। इस दौरान जयप्रकाश कुशवाहा, प्रदीप कुमार सिंह, डा. माणिक चंद पांडेय, सीएस जोशी, राम कबीर, अंजू गुप्ता ने अपनी अनुभूति साझा किया।