ठंड में इजाफा के बाद बिजली की मांग में आई कमी ने निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना को राहत दी है। कोयला संकट के कारण क्रिटिकल जोन में पहुंच चुकी परियोजना अब तेजी से उबर रही है। वर्तमान समय में लैंको परियोजना के पास एक लाख 10 हजार एमटी कोयले का स्टॉक मौजूद है। इससे परियोजना एक सप्ताह से भी अधिक तक बिजली उत्पादन कर सकती है।
अनपरा स्थित लैंको इकाई से 12 सौ मेवा तक बिजली का उत्पादन संभव है। बिजली की मांग में कमी के कारण परियोजना से 500-700 मेगावाट तक उत्पादन लिया जा रहा है। एक इकाई भी बंद रखी गई है। इससे कोयले का स्टॉक तो बढ़ रहा है लेकिन परियोजना की बिजली आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है। लैंको के यूनिट हेड इं. संदीप गोस्वामी ने बताया कि परियोजना के पास कोयले का भरपूर स्टॉक है। अन्य साधनों से मिलने वाली कोयले की आपूर्ति भी इन 508 मेवा का उत्पादन हुआ।
साढ़े 17 हजार मेवा रही बिजली की मांग
सूबे में बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव जारी है। कई दिनों से 16 हजार मेवा दर्ज किया जा रही मांग बुधवार को साढ़े 17 हजार मेवा के पार पहुंच गया। बिजली की मांग का अधिकतम आंकड़ा 17753 मेवा रहा। वहीं न्यूनतम 10190 मेवा तक पहुंची।