डाला। नए परिसीमन के बाद चोपन ब्लॉक के कोटा ग्राम पंचायत की बनी मतदाता सूची खामियों से भरी पड़ी है। जहां कई वार्डों में रहने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब है। वहीं इस बार मतदाता सूची में वर्षों पहले मृत मतदाताओं का नाम शामिल कर दिया गया है। चोपन ब्लॉक के कोटा ग्राम पंचायत के सात से अधिक वार्डों को डाला नगर पंचायत में शामिल किये जाने के बाद कोटा ग्राम पंचायत का नये सिरे से परिसीमन कराया गया था। जहां नये वार्डों को बनाये जाने से लेकर नये सिरे से मतदाता सूची को बनाने का कार्य भी किया गया। मतदाता सूची हमेशा विवादों में रही। यहां की जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या में 249 लोगों के संख्या का ही अंतर है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी नए मतदाता सूची में 13012 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। जबकि यहां कि जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 13261 है। नए सिरे से बनाए गए मतदाता सूची में दर्ज कई खामियों को देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूची बनाने वाले जिम्मेदार लोगों के दरवाजे तक न जाकर घर बैठे ही मतदाता सूची को पूर्ण कर दिया गया। ग्राम पंचायत के गनेश, नंदलाल, झुरई, गुलाब, रामसुभग, हनुमान प्रसाद, संजय कुमार, ऊषा देवी, ललिता देवी, फूलवंती देवी, शंकर, रामकुमार, पानकुंवर, वीरेंद्र राम, मन्नू, सुगवंती, नीरज, रीता, दीपक, बेबी आदि ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची से गायब है। इतना ही नहीं पंचूडीह व खटखर जैसे टोलों से एक नहीं बल्कि सौ से भी अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब है। कई ऐसे मतदाता हैं, जिनका नाम एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग जगहों पर सूची में दर्ज है। ऐसी ही स्थिति दूसरे टोलो में भी है। बताया कि सूची में विफनी, लक्ष्मतिया, राम खेलावन, फूलमती, सुखमनिया, रामनरायन, छोटकी, कमर, विश्वनाथ, हीरालाल, छोटकनिया, देवकुमारी, गीता, देवमनिया, मनोज, सुकली, राम प्रसाद, कृष्णदेव, तपेश्वरी, मानतेशरी, लालचंद, रामजियावन, काशीनाथ, समेश, कौशिल्या का नाम मतदाता सूची में दर्ज है जो इस दुनिया में हैं ही नहीं।