सोनभद्र। जिले में दो और नए विकास खंड कोन और करमा जल्द ही अस्तित्व में आने वाले हैं। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले में विकास खंडों की संख्या 10 हो जाएगी। विकास खंडों की संख्या में वृद्धि का असर ग्राम पंचायतों की संख्या पर नहीं पड़ेगा और जिले में कुल 637 ग्राम पंचायतें ही रहेंगी। इतना अवश्य है कि कई ग्राम पंचायतों के ब्लाक मुख्यालय जरूर बदल सकते हैं। नए विकास खंडों को अस्तित्व में लाने की प्रशासनिक कवायद भी तेज हो गई है।
अभी तक जिले में आठ विकास खंड राबर्ट्सगंज, नगवां, म्योरपुर, घोरावल, दुद्धी, चोपन, चतरा, बभनी अस्तित्व में हैं। इन आठ विकास खंडों में कुल 637 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। राबर्ट्सगंज, घोरावल व कुछ अन्य ब्लाकों के कई ग्राम पंचायतों को अलग कर दो नए विकास खंड कोन व करमा को अस्तित्व में लाने की तैयारी तेज कर दी गई है। कोशिश यह की जा रही है कि जुलाई माह से दोनों नए विकास खंड अस्तित्व में आ जाएं। दोनों नए विकास खंडों में से कोन में 30 और करमा में 64 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं। इसके लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बस विकास खंडों को अस्तित्व में लाकर काम शुरू कराने की प्रक्रिया बाकी है। सूत्रों का कहना है कि दो नए विकास खंड अस्तित्व में आने के बाद बभनी में 40, चतरा में 60, चोपन में 37, दुद्धी में 58, घोरावल में 107, म्योरपुर में 80, नगवां में 48, राबर्ट्सगंज में 113, कोन में 30 और करमा में 64 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
वर्तमान में मौजूद आठ विकास खंडों में से राबर्ट्सगंज में 140, नगवां में 52, म्योरपुर में 80, घोरावल में 144, दुद्धी में 60, चोपन में 61, चतरा में 60 और बभनी में 40 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसमें सर्वाधिक 37 ग्राम ग्राम पंचायतें घोरावल से अलग कर नए विकास खंड में शामिल की जा रही हैं। जबकि बभनी, चतरा व म्योरपुर की कोई भी ग्राम पंचायत नए ब्लाक में शामिल नहीं की जा रही है। घोरावल के अलावा राबर्ट्सगंज की भी 27 ग्राम पंचायतें अलग कर नए ब्लाक में शामिल की जा रही हैं। इसी तरह से दुद्धी की दो, चोपन की चार और चतरा की 24 ग्राम पंचायतें भी अलग कर नए विकास खंडों में शामिल की जा रही हैं।
दो नए विकास खंड अस्तित्व में लाने की कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। जिला विकास अधिकारी को दोनों नए विकास खंडों कोन व करमा को अस्तित्व में लाने के लिए अन्य कार्य यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही दोनों नए विकास अस्तित्व में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
- अजय कुमार द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र