कनहर परियोजना को लेकर विस्थापितों और प्रशासन के बीच लगातार छह दिनों से
चले आ रहे गतिरोध का सोमवार की शाम सुंदरी में हुई बैठक में काफी हद तक
पटाक्षेप हो गया।
विस्थापितों की ओर से उठाई गई 21 सूत्री मांग के क्रम में डीएम संजय कुमार ने डूब क्षेत्र के 11 गांवों का मंगलवार से नए सिरे से सर्वे कार्य शुरू कराए जाने का भरोसा दिया। साथ ही सुंदरी, भिसुर, कोरची, कूदरी, बड़खोरा आदि गंावों में कैंप लगाकर दस दिनों के भीतर मुआवजे के चेक वितरण का आश्वासन दिया।
हालांकि एहतियातन कार्यस्थल पर भारी संख्या में फोर्स मुस्तैद कर दी गई है। हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
सुंदरी स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में शाम पांच बजे के करीब हुई बैठक में विस्थापितों की ओर से खुलकर अपनी मांगें प्रशासन और सपा नेताओं के सामने रखी।
21 सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए ग्रामीणों ने नए सिरे से सर्वे के साथ ही अलग-अलग गांव के विस्थापितों को अलग-अलग गांव के रूप में बसाए जाने की मांग की।
कहा कि इन गांवों को पंचायत का दर्जा देकर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दुद्धी कोतवाली में दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और विस्थापितों को परेशान न किया जाए।
मुआवजे का एकमुश्त भुगतान हो और इसमें बच्चों को भी शामिल किया जाए। डीएम ने कहा कि तीन पीढ़ी के लोगों को मुआवजा सूची में जगह दी जाएगी, जिनका नाम छूट गया है, परीक्षण कर उस नाम को भी जल्द सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
कहा कि दस दिन के भीतर कैंप लगाकर मुआवजा चेक का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। अगर कोई राजस्व कर्मी किसी तरह की गड़बड़ी करता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
एसपी शिवशंकर यादव ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल, बिजली आदि की सुविधा का भरोसा दिया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष अविनाश कुशवाहा, इश्तियाक अहमद, जिला महासचिव विजय यादव, अवध नारायण यादव, जुबेर आलम, डा. लवकुश प्रजापति, तकरार अहमद, नूरूल हक, प्रधान चंद्रमणि, इस्लाउद्दीन आदि रहे।