बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी से जुड़ा एक अंतरराज्यीय रैकेट सामने आया है। मामले में रविवार को दो गिरफ्तारी हुई थी। वहीं सोमवार को सरगना सहित दो और को गिरफ्तार कर लिया गया।
चार अन्य की तलाश जारी है। पकड़े गए चारों तस्करों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें नौ दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला कारागार भेज दिया गया। गिरोह का राजनीतिक कनेक्शन भी सामने आया है। चर्चा है कि इसको लेकर रविवार और सोमवार दोनों दिन लखनऊ और दिल्ली से मोबाइल पर सिफारिश के लिए फोन घनघनाए जाते रहे। पिपरी रेंजर राघवेंद्र सिंह की अगुवाई वाली प्रवर्तन टीम ने रविवार को छत्तीसगढ़ से खैर की लकड़ी लेकर आ रहे ट्रक को मालोघाट टोल प्लाजा के पास पकड़ा था। मौके से वाहन मालिक हरियाणा निवासी साजिद और उसके सह चालक शराफत को गिरफ्तार कर टीम पिपरी रेंज कार्यालय पहुंची तो काले रंग की एक्सयूवी और एक अन्य लग्जरी वाहन से छह लोग पीछे-पीछे पहुंच गए।
वाहन को छुड़ाने की कोशिश भी की लेकिन वन विभाग की टीम ने दौड़ाकर एक्सयूवी सवार गिरोह के सरगना हरियाणा के यमुनानगर जिले के जाटों वाला छछरौली निवासी रिजवान और बीजपुर के जरहां निवासी कलाम को दबोच लिया। वहीं दूसरे वाहन पर सवार रोशन, रिंकू, नसीम और इबादुल फरार हो गए। पूछताछ के बाद सोमवार को उन्हें दुद्धी न्यायालय में पेश किया गया।
वहां भी तस्करी से जुड़े नेटवर्क के लोगों और वाहनों का काफिला आगे-पीछे बना रहा। मांगे गए रिमांड का भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया लेकिन वन अधिनियम के तहत दर्ज धाराएं अजमानतीय होने और अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने नौ दिन के न्यायिक रिमांड का आदेश पारित कर दिया।