चुर्क स्थित पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को आयोजित नक्सल मीटिंग में एसपी रामलाल वर्मां की अध्यक्षता में सिक्योरटी आॅपरेशन प्लान के तहत नक्सलियों और अपराधियों पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई गई। इसमें मिर्जापुर और चंदौली के पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के अधिकारी शामिल रहे। पड़ोसी प्रांतों के बार्डर पर नक्सलियों के गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा ने कहा कि पड़ोसी बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और एमपी राज्य में अपराधियों और नक्सलियों के गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए जिले के सीमा पर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
कहा कि सीआरपीएफ, पीएसी और थानों की फोर्स नक्सल इलाकों में सतर्कतापूवर्क कांबिंग करते हुए मुखबिरों का जाल बिछाएं, ताकि गैर प्रांत से कोई संदिग्ध व्यक्ति जिले में प्रवेश करें तो उसे दबोचा जा सकेे।
कहा कि सीआरपीएफ डाग स्क्वॉर्ड के साथ कांबिंग कर ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाए, ताकि उनका पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े। नक्सलियों और अपराधियों के बारे में अगर किसी को पता चलता है तो इसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें।
मीटिंग में मिर्जापुर पीएसी के कमांडेंट अवधेश पांडेय, नक्सल एएसपी रामयज्ञ यादव, सीओ सच्चिदानंद, बभनी एसओ अशोक यादव, कोन एसओ अतुल सिंह, मांची थानाध्यक्ष माताद्दीन कन्नौजिया, घोरावल एसओ रमाकांत पांडेय, जेके सिंह, सुनील तिवारी मौजूद रहे।