सोनभद्र। शक्तिनगर थाना क्षेत्र के कोहरौलिया में युवक को उसके ही दोस्तों की तरफ से पार्टी के बहाने बुलाकर की गई हत्या के मामले में न्यायालय ने बाल अपचारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बाल न्यायालय/अपर सत्र न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने कहा कि जहां हत्या का हेतुक (कारण) हो और गलत संगत पड़ने की संभावना हो वहां जमानत अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती।
बताते चलें कि गत 28 मई की रात कोहरौलिया निवासी सोनू कुशवाहा की उसके ही दोस्तों ने रात में पार्टी के बहाने बुलाकर हत्या कर दी थी। तीन दिन बाद उसका शव बीना कोल प्रोजेक्ट के जीएम दफ्तर के पीछे स्थित नाले में पड़ा पाया गया। चचेरे भाई की तहरीर पर चार नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। प्रकरण में एक आरोपी बाल अपचारी पाया गया था।
उससे जुड़ी जमानत अर्जी किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल की गई थी। आरोपी की गलत संगत और वारदात की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड ने किसी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया। तब इससे जुड़ा प्रार्थना पत्र सत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। बाल न्यायालय/पाक्सो कोर्ट ने दो दिन पूर्व प्रकरण की सुनवाई की।
कहा कि जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक अगर बाल अपचारी को जमानत पर रिहा किया गया तो वह आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों की संगत में आ जाएगा। इसलिए फिलहाल कीस्थिति में जमानत अर्जी स्वीकार नहीं की जा सकती।
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एससी-एसटी प्रकरण की दोबारा होगी विवेचना
सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के गुल्लीडांड़ गांव में अनुसूचित महिला के साथ मारपीट और आगजनी के मामले की विवेचना फिर से की जाएगी। पूर्व में न्यायालय के आदेश पर दशरथ यादव, उनकी पत्नी, बेटे सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जिसमें पुलिस की तरफ से फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने पाया कि विवेचना सही से नहीं की गई है। संबंधित सीओ को अग्रिम विवेचना का आदेश दिया गया है।