रॉबर्ट्सगंज में ज्योतिपुत्रिका की तैयारी को लेकर पूजन सामग्री की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
सोनभद्र। संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना को लेकर जिउतिया व्रत (जीवित्पुत्रिका) की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। तीन अक्तूबर को होने वाले व्रत के लिए बाजारों में पूजन सामग्री की दुकानें सज गईं हैं। महिलाएं पूजन के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी में जुटी हैं। उन परिवारों में विशेष तैयारी चल रही है, जहां नवविवाहित जोड़े या बच्चों की डाल पूजा होनी है।
पुजारी राहुल शुक्ला ने बताया कि जिउतिया को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इसमें महिलाएं 24 घंटे तक निराजल व्रत रहती हैं। शाम को नदी, तालाब के किनारे समूह में एकत्रित होकर पूजन और जीमूतवाहन की कथा सुनती हैं। पूजा के लिए बांस की डलिया, कलश, फल-फूल सहित अन्य सामान की दुकानें रॉबर्ट्सगंज नगर सहित बाजारों में सज गईं हैं। पूजा सामग्री के रॉबर्ट्सगंज के दुकानदार चंदन केसरी कहते हैं कि व्रत के बाद धारण किए जाने वाले जिउतिया के धागे की भी बाजार में पांच रुपये से 50 रुपये तक बिक्री हो रही है। श्रद्धालु महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार लाल या पीले धागे में गांठ लगा हुआ जिउतिया धागा खरीद रहीं हैं। व्रत को लेकर बाजार में पूजन सामग्री के अलग-अलग स्टॉल सज गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि जैसे-जैसे व्रत का दिन नजदीक आ रहा है, खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है। पिछले वर्ष के मुकाबले पूजा के अन्य सामान पर भी 10 से 15 फीसदी तक महंगाई का असर है। संतान की दीर्घायु और मंगलकामना से जुड़े इस पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।