सोनभद्र। यूपी के आकांक्षी जिलों (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट) में अब डिजिटल तकनीकी से परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश के तीन सौ कंपोजिट विद्यालयों का चयन किया गया है। इसमें अकेले सोनभद्र में 70 कंपोजिट विद्यालय चयनित किए गए हैं जहां परिषदीय विद्यालयों के कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों को डिजिटल तकनीकी से शिक्षा दी जाएगी। नए शिक्षा सत्र अप्रैल से इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
नीति आयोग देश के अति पिछड़े (आकांक्षी) जिलों में शिक्षा की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। बेहतर शिक्षा के लिए आयोग ने तमाम मानक तैयार किए हैं। इसके तहत डिजिटल शिक्षा की भी व्यवस्था की गई है। आयोग के निर्देश पर मिसाल एवं सुसन डेल फाउंडेशन शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कार्य कर रहा है। फाउंडेशन ने जिले के 70 कंपोजिट परिषदीय विद्यालयों को चिह्नित किया है, जहां नए शिक्षा सत्र से अप्रैल में डिजिटल शिक्षा शुरू की जाएगी। इससे बच्चों को तकनीकी शिक्षा से भी आसानी से जोड़ा जा सकेगा। डिजिटल तकनीकी से बच्चों को भाषा, गणित आर विज्ञान की शिक्षा कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को दी जाएगी ताकि उनमें गुणात्मक शिक्षण सुधार हो सके। इसके लिए ऐसे ही कंपोजिट विद्यालय चुने गए हैं जहां कक्षा तीन से लेकर कक्षा आठ तक में छात्र-छात्राओं की संख्या 180 हो। मतलब 180 से कम नामांकित छात्र-छात्राओं वाले कंपोजिट स्कूलों को इसमें स्थान नहीं दिया गया है। खासकर इन विद्यालयों में बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए। अतिरिक्त भवन होना चाहिए जिसमें कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि डिजिटल तकनीकी से शिक्षा देने के लिए 70 विद्यालयों को चयनित किया जा चुका है। नए शिक्षा सत्र से बच्चों को डिजीटल तकनीकी से शिक्षा दी जाएगी। इसको लेकर तैयारी की जा रही है।
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शिक्षकों को दिया जाएगा कंप्यूटर का प्रशिक्षण
सोनभद्र। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि नई तकनीकी से शिक्षा देने के लिए पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिन विद्यालयों को चुना गया है वहां के शिक्षकों को कंप्यूटर की शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे बच्चों को बेहतर तरीके से शिक्षित कर सकें।