सोनभद्र। जिला कारागार गुरमा में एक बंदी की बुधवार की भोर में तबीयत खराब हो गई। इसकी जानकारी होने पर जेलकर्मी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उपचार शुरू होने के पहले ही बलराम मिश्रा 50 ने दम तोड़ दिया।उधर जेल प्रशासन की सूचना पर घरवाले भी अस्पताल पहुंच गए। जेल प्रशासन की मानें तो 2015 में जिला कारागार मिर्जापुर में एनडीपीएस एक्ट के आरोप में प्रतापगढ़ जिले के हिमायुपुर निवासी बलराम मिश्रा निरूद्घ हुए थे। 2016 में बलराम को मिर्जापुर से जिला कारागार गुरमा में शिफ्ट कर दिया गया। वह क्षय रोग से ग्रसित था और उसका उपचार बीएचयू में चल रहा था। जेल अस्पताल के कर्मियों की देखरेख में उसे रखा गया था। बुधवार की भोर चार बजे अचानक बलराम की तबीयत बिगड़ गई। जेल कर्मी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्यकर्मी उपचार की तैयारी कर रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। मृतक को दो बेटा और एक बेटी है। बड़े बेटे पंकज मिश्रा ने बताया कि उसके पिता बलराम ट्रक चला कर घर का खर्च चलाते थे। ट्रक मालिक ने साजिश कर उसके पिता को फंसवा दिया। सदर कोतवाली के दारोगा रामअवध यादव ने शव का पोस्टमार्टम कराकर घरवालों को सुपुर्द कर दिया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि बलराम मिश्रा क्षय रोग से पीड़ित थे। जेल प्रशासन द्वारा बंदी का बीएचयू से उपचार कराया जा रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।