जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को मेघ झूमकर बरसे। खलियारी में जहां सुबह ही घंटे भर बारिश हुई, वहीं बभनी में चमक और गरज के साथ घंटों झमाझम पानी बरसा। इससे लोगों के चेहरे खिल गए। बारिश से मौसम भी सुहाना हो गया है। लोगों ने खेतों की सिंचाई शुरू कर दी है। किसान ट्रैक्टर जोताई लेकर खेतों में नजर आए। हालांकि फिलहाल धान की नर्सरी डालने के लिए यह बारिश मुफीद नहीं मानी जा रही है।
वर्षों बाद जून माह में ही झमाझम बारिश शुरू होने से किसान से लेकर आम लोगों के चेहरे पर खुशी है। मंगलवार को राबर्ट्सगंज और आसपास के इलाकों में बारिश हुई लेकिन बुधवार को इन क्षेत्रों में तीखी धूप निकली। हालांकि मौसम की लुकाछिपी जारी रही। कभी धूप रही तो कभी बादलों की गड़गड़ाहट बारिश की संभावना को बल दे रही थी। हालांकि इसी बारिश से किसान खुश हैं और धान की नर्सरी डालने के लिए खेतों की जोताई शुरू करा दिये हैं।
बभनी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में बुधवार को पहली बार इंद्रदेव मेहरबान हुए। काफी गरज और तड़क के साथ घंटों बारिश हुई। बारिश होने से जहां गर्मी और उमस से राहत हुई वहीं पशुओं के लिए पीने का पानी गड्ढों और नालों मे जमा हो गया। बुधवार को सुबह से ही बादल उमड़-घुमड़ रहा था। बारह बजते ही बरसात शुरू हो गई। इतना ही नही बारिश से ज्यादा बिजली चमक रही थी। लोग जहां रहे वही दुपक कर पडे़ रहे। बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड गई।
अपने-अपने खेतों मे फावड़ा लेकर चल पड़े। क्यारियों में पानी बहता देख और खुशी से झूम उठे। खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार खलियारी और आसपास के इलाकों में बुधवार की सुबह जमकर बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि राबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर बभनी में पानी बहने लगा। नालियां न होने के नाते लोगों के दूकानों में भी हल्का पानी आया। गांवों में किसान खेत की जोताई शुरू कर दिये। किसान रामेश्वर, दशरथ, शिवमुनी का कहना था कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि धान की नर्सरी डाली जा सके। फिर भी उम्मीदों में ही खेत की जोताई की जा रही है।